भक्ति जिंदगी बड़े ही उतार चढ़ाव से गुज़र रही थी, अब तो मौजी राम को भी इसकी आदत सी हो गई थी।  मोजी राम मंदिर के साथ वाली सड़क से अपने दो बैलों के साथ  खेत की ओर से लौट रहा था, मंदिर में भागवत का प्रवचन हो रहा था.